आगे पढ़े... पेट (आमाशय) का कैंसर, क्या आपको भी इसका खतरा हो सकता है?

पेट के कैंसर को गैस्ट्रिक कैंसर (gastric cancer) भी कहते हैं। खाना निगलने के बाद, अन्नप्रणाली (ग्रासनली; food pipe) से होकर गुजरता है। खाना फिर पेट के ऊपरी हिस्से में एक थैली जैसे अंग में प्रवेश करता है जिसे आमाशय (स्टमक; stomach) कहा जाता है। पेट (आमाशय) भोजन ग्रहण करता है और गैस्ट्रिक रस स्रावित करके इसे पचाना शुरू कर देता है। पेट गैस्ट्रिक रस के साथ मिले हुए भोजन को छोटी आंत के पहले हिस्से में भेज देता है।


कैंसर कैसे बनता है ?

कैंसर तब शुरू होता है जब कोशिका के डीएनए में कोई त्रुटि (म्यूटेशन) आ जाती है। ये कोशिकाएं फिर अनियंत्रित रूप से विभाजित होती हैं और बढ़ती रहती हैं। ये कोशिकाएं मिल कर कैंसर बनाती हैं। पेट की दीवार ऊतक की पांच परतों से बनी होती है। पेट का कैंसर, जिसे गैस्ट्रिक कैंसर भी कहते हैं, पेट की सबसे भीतरी परत में म्यूकस-उत्पादक कोशिकाओं में शुरू होता है। यह फिर बढ़ता है और फैलता है। यह पहले पेट की दीवार में फैलता है और फिर बढ़ कर आस पास के उत्तकों में फैल जाता है। बाद में ये जिगर (यकृत), फेफ़ड़े और पेरिटोनियम में फैल जाता है।

पेट के कैंसर के लक्षण

पेट का कैंसर अन्य कैंसरों की तुलना में अपेक्षाकृत कम होता है, परन्तु इस रोग के सबसे बड़े खतरों में से एक है इसका पता न लगना। पेट के बाकी कैंसर की तरह गैस्ट्रिक कैंसर के भी शुरुआती चरणों में सामान्यतः कोई लक्षण नहीं होते हैं। यह अक्सर शरीर के अन्य हिस्सों में फैलने के बाद पकड़ में आता है । इससे इसका इलाज करना मुश्किल हो जाता है।

पेट के कैंसर के लक्षणों में शामिल है:

अपच, पेट में जलन और पेट फूलनालगा

तार कमजोरी या थकान महसूस करना

भूख न लगना

वजन कम होना

हीमोग्लोबिन में कमी (एनीमिया)

पेट में दर्द या बेचैनी

मल में लाल खून का धब्बा या काले रंग का मल

थोड़ी मात्रा में भोजन करने के बाद पेट भरा हुआ महसूस होना

मतली और उल्टी (रक्त के साथ या इसके बिना)

पेट के ऊपरी हिस्से में परेशानी

पेट के कैंसर के कारण और जोखिम कारक (risk factors)

जिस किसी भी चीज से किसी को कैंसर होने का खतरा बढ़ता है, उसे जोखिम कारक कहते हैं। जोखिम कारक बीमारी करता नहीं है यह केवल जोखिम को बढ़ाता है। कुछ लोगों में कई जोखिम कारक होने के बावजूद कैंसर नहीं होता, जबकि कुछ लोगों को कोई जोखिम कारक नहीं होने के बावजूद कैंसर हो जाता है।

पेट के कैंसर के लिए जोखिम कारक हैं:

वृद्धावस्था

महिलाओं की तुलना में पुरुषों को पेट कैंसर होने का खतरा दोगुना होता है

एच पाइलोरी (H. pylori) नामक एक जीवाणु से संक्रमण

पेट में लगातार सूजन (gastritis)

परनीसियस एनीमिया

पेट में कुछ प्रकार के पॉलिप्स

धूम्रपान

मोटापा

स्मोक्ड, अचारित या नमकीन खाद्य पदार्थों से युक्त आहार

कम फल और सब्जियों वाला भोजन

पेट के कैंसर का पारिवारिक इतिहास