आगे पढ़े..स्वप्नदोष का आयुर्वेद और घरेलू इलाज

पुरुषों में स्वप्नदोष का आयुर्वेदिक इलाज

स्वप्नदोष की समस्या के लिए एन एफ क्योर कैप्सूल सबसे प्रसिद्ध हर्बल और आयुर्वेदिक उपचार है, जो पुरुषों में प्राकृतिक तरीके से वीर्य के रिसाव को रोकने में मदद करता है

एन एफ क्योर कैप्सूल पूरी तरह से आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से बना उत्पाद है, जिसकी सहायता से रात को होने वाले उत्सर्जन से निजात पाया जा सकता है।

एन एफ क्योर कैप्सूल का कोई दुष्परिणाम नही है। आप इसे बिना किसी समस्या के लंबे समय तक उपयोग में ले सकते हैं।

एन एफ क्योर कैप्सूल के लाभ

  1. नाईट फॉल (स्वप्नदोष), धातु (धात) रोग, हस्तमैथुन के दुष्परिणाम व कमजोरी में लाभकारी।
  2. चरमोत्कर्ष और वीर्य की मात्रा की अवधि बढ़ा देता है।
  3. शक्तिशाली निर्माण और तीव्र उत्तेजना को बढ़ावा देता है।
  4. ऊर्जा व ताकत में सुधार लाता है और नर-संभोग की अवधि बढ़ाता है ।

एन एफ क्योर कैप्सूल की जड़ी-बूटियां

जायफल, शतावरी, अतिमुकयक, लौह भस्म, लौंग, पुरुषरतन, हरीतकी, द्रीद्रंगा, पीपल, अश्वगंधा, कवच बीज, केसर, स्वर्ण भंग, शुद्ध शिलाजीत, कंकज, भेदानी, कशरीरिका, ब्रह्मदंदी और सफ़ेद मूसली

इस्तेमाल मे लेने के निर्देश

एन एफ क्योर कैप्सूल को आप प्रतिदिन 1 से 2 बार दूध और पानी के साथ ले सकते हैं। इस आयुर्वेदिक कैप्सूल को आप 3 से 4 महीने उपयोग में ले सकते हैं।


स्वप्नदोष के लिए अचूक घरेलू नुस्खे


इलायची

1/2 ग्राम हरी इलायची को पीस लें और उसमें 3 ग्राम सूखी धनिया का चूर्ण और 2 ग्राम पिसी मिश्री मिलाएं। इस मिश्रण का सेवन सुबह ब्रेकफास्‍ट से पहले करें। ऐसा तब तक करें जब तक कि आपको आराम ना मिले।


गाय का दूध

1 गिलास गाय के दूध में 3 छुहारे ले कर भिगो दें। फिर इसे पकाएं और इसमें स्‍वादअनुसार मिश्री मिलाएं। जब दूध आधा हो जाए तब गैस बंद कर दें और दूध पी लें। ऐसा कई दिनों तक करने से वीर्य की गुणवत्‍ता भी बढेगी और स्‍वप्‍नदोष से भी राहत मिलेगी।


बादाम

1 पीस बादाम गिरी, थोड़ा सा मक्खन तथा 3-3 ग्राम गिलोय- इन सभी को बराबर की मात्रा में मिलाकर इसमें 7-8 ग्राम शहद मिलाकर एक समान भाग बना लें। इस मिश्रण को 8 से लेकर 10 दिनों तक सुबह और शाम के समय प्रयोग करने से इस समस्‍या में आराम मिलता है।


आंवला

6 ग्राम आंवले के चूर्ण में शहद मिलाकर खाएं और ऊपर से इसमें मिश्री मिलाकर पानी पी लें।


नीम के पत्ते

हर रोज़ 2 पत्ते नीम के चबा चबा कर खाने से कभी स्वपन दोष नहीं होगा।


प्‍याज का रस

6 ग्राम प्‍याज के रस में 4 ग्राम गाय का घी और 3 ग्राम शहद सुबह चाटने से स्‍वप्‍नदोष से छुटकारा मिलता है।


इमली

इमली को पानी में भिगो कर उसका छिलका उतार लें। उसके सफेद बीजों को सुखा कर चूर्ण बना कर एक शीशी में रख लें। फिर दिन में एक बार दूध में 1 चम्‍मच इसका पावडर मिला कर पिएं। रोज ऐसा करें और फरक देंखे।


आंवले का मुरब्‍बा

रोज आंवले के मुरब्‍बे का सेवन करना चाहिये।


त्रिफला

रात को सोने से पहले एक लीटर पानी में त्रिफला का चूर्ण भिगो दें और सुबह उसे छान कर पी लें।