रोजाना एक सीमित समय के तक धूप में बैठने से आपको कई स्वास्थ लाभ और कई रोगों से फायदा भी मिल सकता हैं, एक स्वस्थ व्यक्ति 20 से 30 मिनट धूप का लुफ्त उठा सकता है। वहीं व्यक्ति 11 से 2 के बीच धूप लेकर विटामिन डी को प्राप्त कर सकता है।
धूप हर उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद है. धूप को विटामिन डी के स्तर पर बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है. ये स्किन में ऐसे इम्यून सेल्स को भी उत्तेजित करती है, जिनकी एमएस (MS) जैसी बीमारियों से लड़ने में अहम भूमिका होती है.
सूर्य की रोगनाशक शक्ति के बारे में अथर्ववेद में कहा गया है कि सूर्य औषधि बनाता है तथा अपनी रश्मियों द्वारा सभी जीवों का स्वास्थ्य उत्तम रखता है। हमारे वेदों में सूर्य की पूजा को बहुत महत्व दिया गया है। प्राचीन ऋषि मुनियों ने सूर्य की शक्ति प्राप्त करके प्राकृतिक जीवन व्यतीत करने का संदेश मानव जाति को दिया था।
कहा जाता है कि जहां सूर्य की किरणें पहुंचती हैं, वहां रोगों के कीटाणु स्वतः मर जाते हैं और रोगों का जन्म ही नहीं हो पाता। सूर्य अपनी किरणों द्वारा अनेक प्रकार के आवश्यक तत्वों को फैलाता है। उन तत्वों के शरीर में प्रवेश करने से असाध्य रोग भी दूर हो जाते हैं।
पुराने समय में लोग सुबह-सुबह सूर्य नमस्कार करके विटामिन-डी ले लेते थे, लेकिन वर्तमान समय में प्रचलित भारतीय पहनावे में शरीर का अधिकांश हिस्सा ढंका रहता है, जिस वजह से शरीर को विटामिन-डी नहीं मिल पाता। इसके अलावा सीटिंग जॉब, केबिन सिस्टम तथा एसी कार में आने-जाने की वजह से धूप नहीं मिल पाती।
इस लाइफ स्टाइल में धूप में निकलने का मौका नहीं मिलता। हाल में एक रिसर्च में यह तथ्य सामने आया कि भारत में करीब 80 फीसदी लोगों में विटामिन-डी की कमी है। चिंता की बात यह है कि 90 फीसदी बच्चों में भी विटामिन-डी की कमी पाई गई।
अकेले दिल्ली में 90 से 97 फीसदी स्कूली बच्चों में (6-17 वर्ष की आयु के) विटामिन-डी की कमी पाई गई है, जबकि भारत दुनिया के ऐसे देशों में शामिल है, जहां सूर्य की पर्याप्त रोशनी आती है।
सूरज की यूवी किरणों (Ultra Violet Rays) के संपर्क में आने से विटामिन-डी की बढ़ोतरी होती है, जिससे ऑटो-इम्यून बीमारियों (auto-immune diseases) से बचा जा सकता है. रिसर्चर्स के अनुसार, धूप हर उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद है.
इस स्टडी में अन्य रिसर्चर्स द्वारा पूर्व में किए गए अध्ययनों को भी शामिल किया गया है, जिसमें पाया गया था कि बचपन में पराबैंगनी किरणों (Ultra Violet Rays) के ज्यादा संपर्क के कारण उम्र बढ़ने पर एमएस (MS) यानी मल्टीपल स्केलेरोसिस (Multiple Sclerosis) की आशंका कम होती है.
आपको बता दें कि एमएस में नर्व डैमेट (nerve damage) होने के कारण ब्रेन और बॉडी के बीच संपर्क प्रभावित होता है, जिससे दृष्टि में हानि (loss of vision), दर्द, थकान आदि कई तरह की समस्याएं देखने को मिलती हैं.
सूर्य की किरणों से व्यक्ति दिमागी रूप से स्वस्थ रहता है। धूप मनोविदलता नामक बीमारी के खतरे को कम करती है। धूप मेटाबॉलिज्म को सुधारती है, जिससे मधुमेह तथा हृदय रोग काबू में रहते हैं। धूप के कारण खून जमने, डायबीटिज तथा ट्यूमर जैसी बीमारियां पास नहीं फटकती तथा रोग प्रतिरोधक शक्ति में इजाफा होता है।
ताजा शोध के अनुसार सूर्य के प्रकाश और बीएमआई के बीच अच्छा संबंध होता है। इसलिए रोजाना थोड़ी देर की धूप से आपका वजन कंट्रोल में रहता है। यह एक प्राकृतिक अलाव है, जो ठंड के मौसम में आपको गर्म रखेगा। इस शोध में कहा गया है कि सुबह की 20-30 मिनट की धूप लेने से बॉडी क्लॉक ठीक रहता है।
रात की बेहतर नींद के लिए भी सूर्य की रोशनी लाभदायक है। धूप में मेलाटेनिन नाम का हार्मोन विकसित होता है, जिससे रात को गहरी नींद आती है।
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