पूरा पढ़े..दांतों का गैप कम करने के घरेलू और अन्य उपाय

दांताें के बीच गैप या स्पेस काे डायस्टेमा (Diastema) कहा जाता है। आमतौर पर डायस्टेमा के लिए उपचार की जरूरत नहीं पड़ती है क्योंकि ये कोई ऐसा रोग नहीं है जिसके कारण व्यक्ति को शारीरिक परेशानी हो। 

मगर इसे ठीक करने के लिए आड़े-तिरछे दांतों पर तारों और ब्रैकेट्स की मदद से दबाव डाला जाता है, ताकि वो एक सीध में आ जाएं और उनके बीच का गैप भर जाए। इसके अलावा कुछ कॉस्मेटिक प्रक्रियाओं द्वारा भी इस गैप को भरा जा सकता है। अगर आपके दांतों के बीच गैप की वजह मसूड़ों का कोई रोग है, तो सबसे पहले उस रोग को ठीक करना चाहिए।

दांताें के बीच के गैप काे कम कम करने के घरेलू और अन्य उपाय 

1 . डेंटल इंप्रेशन किट का इस्तेमाल करके आप अपने दांताें के बीच के गैप काे बंद कर सकते हैं। डायस्टेमा की समस्या काे दूर करने के लिए यह एक काफी अच्छा घरेलू उपाय है। इसके उपयाेग से सामने के दांताें के बीच के गैप काे कम करने में मदद मिल सकती है। 

डेंटल इंप्रेशन किट में 2 ट्रे सेट, पुट्टी और इसे इस्तेमाल करने के दिशा निर्देश हाेते हैं। इसे आप आसानी से घर पर इस्तेमाल कर सकते हैं। कई लाेग अपने टेड़े-मेढ़े दांताें की समस्या से भी परेशान रहते हैं, ऐसे में इस समस्या काे ठीक करना भी बहुत जरूरी हाेता है।

2 . दांताें के बीच के गैप या स्पेस काे कम करने के लिए डेंटल बॉन्डिंग का उपयाेग करना भी लाभकारी हाे सकता है। डेंटल बॉन्डिंग में दांताें काे राल (Resin) के साथ लगाया जाता है। इसमें एक विशेष तरह की लाइट का इस्तेमाल करके इसे कठाेर बनाया जाता है। 

डेंटल बॉन्डिंग का उपयाेग उस स्थिति में करना फायदेमंद हाेता है, जब दांताें में दरार और गैप हाे। इसका इस्तेमाल करने पर दांत बिल्कुल सुरक्षित रहते हैं। लेकिन आप चाहें ताे इसके उपयाेग से पहले एक बार डेंटिस्ट की सलाह ले सकते हैं।

3. दांताें के गैप या डायस्टेमा की समस्या काे दूर करने के लिए आप रिटेनर्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। रिटेनर्स का इस्तेमाल उस स्थिति में करना लाभदायक हाेता है, जब दांताें के बीच का गैप बहुत कम या छाेटा हाेता है। इसमें दांताें में दबाव डालकर उनकी शिफ्टिंग की जाती है। 

इसके लिए आप अपने डॉक्टर से विशेष दिशा निर्देश ले सकते हैं। इसके इस्तेमाल से आपके दांताें के गैप काे कम करने में काफी मदद मिलेगी।

4 . डेंटल अलाइनर्स का इस्तेमाल करके आप दांतों के बीच की दूरी या गैप को भी कम कर सकते हैं। डेंटल अलाइनर्स दाहिने दांतों के बीच की दूरी को कम करने में उपयोगी हो सकते हैं। इसका उपयोग करने से पहले, आपको अपने दंत चिकित्सक से पता होना चाहिए। दांतों को स्वस्थ रखना बहुत जरूरी है।
 

इन्हें अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। क्याेंकि जरूरी नहीं है कि सभी लाेगाें के लिए ये घरेलू उपाय काम करें। यह समस्या की गंभीरता और प्राकृतिक तरीकाें काे फॉलाे करने के तरीकाें पर निर्भर करता है। आपकाे नियमित रूप से इन तरीकाें काे फॉलाे करने से थाेड़ा बहुत फायदा मिल सकता है। 

लेकिन कुछ स्थितियाें में दांताें के बीच के गैप काे भरना संभव नहीं हाेता है। इसके लिए आप घर पर इस समस्या काे ठीक करने के बजाय डेंटिस्ट से संपर्क करें। दंत विशेषज्ञ दांताें के बीच के गैप काे दूर करने के लिए आपका इलाज करेंगे। दंत विशेषज्ञ से दांताें के बीच के गैप काे कम करवाना बेहद सुरक्षित हाेता है।

सर्जरी से हो सकते हैं ठीक :

विनियर्स लेमिनेट्स -
इस सर्जरी में दांतों की इनेमल लेयर को घिसकर पतली-पतली दो परत बनाई जाती हैं जिन्हें गेप वाले दांतों के ऊपर लगा दिया जाता है। इसके लिए आधे घंटे की 2-3 सीटिंग लेनी पड़ती है और 5-8 हजार का खर्च आता है।

जैकेट क्राउन -
जब दांतों के बीच का गैप 4 मिलिमीटर से ज्यादा होता है तो दांतों को चारों तरफ से पूरी तरह से घिसकर उन पर कैप लगा दी जाती है।

कॉम्पॉजिट विनियर्स ट्रीटमेंट -
अगर सेंट्रल इंसाइजर (सामने के दो दांत) में कम गैप होता है तो इस ट्रीटमेंट से दांतों की चौड़ाई बढ़ाकर गैप कम किया जाता है। इसमें कॉम्पॉजिट मैटीरियल (दांतों के रंग से मिलती-जुलती) फिलिंग इस्तेमाल होती है। यह आधे घंटे की एक सिटिंग में ही हो जाता है।
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