आगे पढ़े... किन कारणों से लिंग हो जाते टेढ़े, जानिए क्या है इसका इलाज

बहुत से पुरुषों का पेनिस टेढ़ा होता है, जो कि एक बड़ी समस्या होती है। ऐसे पुरुषों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। भारत में 1 मिलियन से ज्यादा मामले टेढ़े पेनिस के सामने आते हैं। यह आंकड़ा सचमुच डराने वाला है। हालांकि इस बीमारी का इलाज भी मौजूद है। जिसे डॉक्टर की सलाह से ठीक किया जा सकता है।

पेरोनी रोग यानी लिंग का टेढ़ापन। इसके लक्षण कई प्रकार के हैं। कई लोगों को रोग बचपन से ही होता है लेकिन कई बार ऐसा भी देखा गया है कि पेनिस के विकसित होने पर धीरे-धीरे इस रोग के बारे में पता लग जाता है। अगर आपका लिंग ऊपर या नीचे की ओर मुड़ा हुआ है तो आपको यह रोग हो सकता है। जब पेनिस में इरेक्शन आता है तो उस समय दर्द का आभास होना या फिर स्तंभन दोष की समस्या आ जाना भी इसका एक लक्षण माना जाता है।

लिंग में टेढ़ापन किस कारण से होता है?

लिंग में टेढ़ापन या पेरोनी रोग का कारण अस्पष्ट है। ऐसा माना जाता है कि लिंग में टेढ़ापन किसी प्रकार के आघात (चोट लगना या सेक्स करते समय लिंग अचानक से मुड़ जाना) के कारण होता है, क्योंकि इससे लिंग के अंदर रक्तस्त्राव होने लगता है। इसमें यह भी हो सकता है कि आघात या चोट लगने के दौरान पता भी ना चला हो। कुछ अन्य मामलों में यह धीरे-धीरे समय के साथ विकसित होता है, जो आनुवंशिक या वंशानुगत स्थिति से जुड़ा हो सकता है। माता-पिता से जीन के माध्यम से संतान में भेजे जाने वाले गुण, दोष या बीमारियां आदि को आनुवंशिक या वंशानुगत कहा जाता है।

इसके अलावा ऐसी कई प्रकार की दवाएं हैं जो साइड इफेक्ट के रूप में लिंग में टेढ़ापन विकसित कर सकती हैं। साइड इफेक्ट के रूप में पेरोनी रोग विकसित करने वाली दवाओं में निम्न शामिल हो सकती हैं:

बीटा ब्लॉकर्स (Beta blockers) – ये दवाएं अक्सर हृदय संबंधी रोगों औ हाई ब्लड प्रेशर आदि के लिए दी जाती हैं।
डिलान्टिन (Dilantin) – मिर्गी व दौरे आदि को रोकने के लिए इन दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है।

लिंग में टेढ़ापन आने से बचाव कैसे करें?

पुरूषों को इस बात का एहसास नहीं होता है कि वे शारीरिक संभोग के दौरान अपने लिंग को भी क्षति पहुंचा सकते हैं। जिससे सेक्स करना मुश्किल और यहां तक की असंभव भी हो सकता है। इस प्रकार की चोटों से बचने के लिए ऐसी कई चीजें हैं जो पुरूष व उसकी पार्टनर कर सकते हैं। 

पुरुष की उम्र के साथ-साथ उसके लिंग स्तंभन की कठोरता में कमी आने लगती है और कठोरता को बनाए रखने में भी काफी मुश्किल हो सकती है। स्तंभन में कठोरपन की कमी होने से लिंग क्षतिग्रस्त हो सकता है, क्योंकि तीव्र सेक्स क्रिया में लिंग में मोड़ आ सकता है। नीचे कुछ सुझाव दिए गए हैं, जो मदद कर सकते हैं।

जब किसी व्यक्ति को स्तंभन दोष होता है और शारीरिक संभोग बनाना उसके लिए मुश्किल या असंभव हो जाता है, तो डॉक्टर उसके लिए कुछ दवाएं लिख सकते हैं। लिंग में क्षति होने से बचाव रखने के लिए सबसे पहला कदम, लिंग स्तंभन की कठोरता में कमी महसूस होते ही इन दवाओं (डॉक्टर द्वारा बताए गए) का इस्तेमाल करना चाहिए।

महिला साथी को सेक्स करने से पहले यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि उसकी योनी लूबरीकेटेड (चिकनाईयुक्त या नम) है। अगर योनि में पर्याप्त चिकनाई नहीं है तो उन्हें कुछ प्रकार के ओवर-द-काउंटर (बिना डॉक्टर की पर्ची के मिलने वाले उत्पाद अथवा दवाएं) लूबरीकेंट्स का इस्तेमाल करना चाहिए।

सेक्स करने के दौरान ध्यान रखना चाहिए और हाथ की मदद से लिंग को ठीक पोजिसन में रखना चाहिए।
संभोग के दौरान उन आसनों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए जिसमें महिला साथी ऊपर हों, क्योंकि इन पॉजिशन से लिंग में मोड़ आने का जोखिम बढ़ जाता है।

सेक्स पॉजिशन कैसी भी हो, संभोग के दौरान पुरुष का लिंग सीधी अवस्था में ही होना चाहिए। ऐसी पॉजिशन या गति का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए जिससे लिंग में मोड़ या मरोड़ आ जाए।

जब पुरुष थका हुआ होता है या उसने अत्याधिक शराब पी रखी होती है, तो ऐसे में संभोग से बचना चाहिए। क्योंकि ऐसी स्थिति में लिंग स्तंभन पर भरोसा नही किया जा सकता है।

लिंग में टेढ़ापन होने की स्थिति का परीक्षण कैसे किया जाना चाहिए?

परीक्षण के दौरान डॉक्टर आपसे आपके लक्षणों के बारे में पूछेंगे। इस दौरान डॉक्टर लिंग की जांच करेंगे और उसमें स्कार ऊतकों के कठोर हिस्सों और हाथ लगाने पर दर्द होना जैसी स्थितियों का पता लगाएंगे। आम तौर पर, इस समस्या का परीक्षण करने के लिए इसी की आवश्यक होती है। लिंग के अंदर रेशेदार प्लेक को हाथ से टटोल कर आपके डॉक्टर हालत का पता लगाने में सक्षम हो सकते हैं।


कभी-कभी लिंग का अल्ट्रासाउंड किया जाता है, जिस दौरान संदिग्ध हिस्से में इन्जेक्शन द्वारा एक डाई लगाई जाती है। डाई लिंग के तंतुमय हिस्से का पता लगाने में मदद करती है, खासकर जब उपचार के लिए योजना तैयार की जा रही हो। 

अगर लिंग में कैल्शियम जमा है तो एक्स-रे की मदद से उसको देखा जा सकता है।

फाईब्रोसिस की डिग्री को निर्धारित करने के लिए कभी-कभी तने हुऐ लिंग की तस्वीरों की आवश्यकता पड़ सकती है। यदि सर्जरी द्वारा मरम्मत करने की योजना बनाई जा रही है, तो लिंग में क्षति की मरम्मत के सबसे बेहतर तरीके का पता करने के लिए लिंग की और विस्तार से जांच करने की आवश्यकता पड़ती है।

लिंग में टेढ़ापन की स्थिति का इलाज कैसे किया जा सकता है?

पेरोनी रोग के कारण थोड़ा-बहुत टेढ़ापन होने पर उसका इलाज करने की जरूरत नहीं होती। चूंकि कुछ लोगों में यह स्थिति अक्सर अपने आप ठीक हो जाती है, इसलिए डॉक्टर अक्सर सर्जरी करने से पहले मरीज को एक साल तक ठीक होने का इंतजार करने के लिए कह सकते हैं।

अगर स्थितियां निम्न हों तो आमतौर पर डॉक्टर अक्सर वेट-एंड-सी (सावधान रहना और इंतजार करना) प्रक्रिया का सुझाव देते हैं।

अगर आपके लिंग में टेढ़ापन गंभीर नहीं है और अधिक बद्तर नहीं है।
आप अभी भी ठीक से बिना दर्द के स्तंभन प्राप्त कर रहे हैं और संभोग करने में सक्षम हैं।
अगर आपकी लिंग स्तंभन प्रक्रिया ठीक से काम कर रही है।

यदि आपके लक्षण गंभीर हैं या समय के साथ-साथ और बद्तर होते जा रहे हैं, तो आपके डॉक्टर दवाओं या सर्जरी के द्वारा इसका इलाज शुरू कर सकते हैं।