आगे पढ़े...सुरक्षित सेक्स (यौन सम्बन्ध) कैसे करे

सुरक्षित सम्भोग (या सेफ सेक्स) ऐसे यौन संबंध को कहते हैं जिसमें व्यक्ति अपनी और अपने साथी की यौन संचारित संक्रमणों (एसटीआई; Sexually transmissible infections - STIs) और अनियोजित गर्भावस्था से रक्षा करता है। जिस यौन संपर्क में वीर्य, योनि द्रव या रक्त आदि का आदान प्रदान नहीं होता, उसे सुरक्षित सेक्स माना जाता है।

असुरक्षित सेक्स आपको या आपके साथी को यौन संचारित संक्रमण के खतरे में डाल सकता है जिसमें क्लैमाइडिया, गोनोरिया, सिफलिस, एचआईवी या हेपेटाइटिस बी या नतीजतन अनियोजित गर्भावस्था हो सकती है।

सुरक्षित यौन सम्बन्ध (सेक्स) के लिए कंडोम

कंडोम इस्तेमाल करने के ये फायदे हैं
वीर्य को योनि में जाने से रोकना 
योनि द्रव या रक्त के आदान प्रदान को रोकना 
एसटीआई या सेक्स करने से संचारित संक्रमण के प्रति संरक्षण प्रदान करना।

इस लेख में ऐसी ही कुछ उपयोगी जानकारी दी गईं हैं जो आपको यह जानने में मदद करेंगी कि सेफ सेक्स कैसे करें। यह ध्यान रखें, कि कोई भी तरीका आपकों यौन संचारित रोगों से 100% नहीं बचा सकता। लेकिन यह अनचाहे गर्भ को रोकने के उपाय के रूप में अधिक सहयोगी हैं।

छूने या किस (Kiss) करने से प्रेगनेंसी नहीं होती। जब तक पुरुष का वीर्य स्त्री के अंदर नहीं जाता तब तक गर्भावस्था नहीं हो सकती है। इसलिए सेक्स के दौरान कंडोम का इस्तेमाल करें।

हमेशा कंडोम का प्रयोग करें। यह अनचाहे गर्भ और यौन संचारित रोगों से बचाता है, यदि सेक्स के दौरान पूरे समय इसे पहने रखा जाए तो यौनजनित रोगों से बचाव होता है।

कंडोम, लुब्रिकेटेड हों तो इसके फटने का खतरा कम हो जाता है। अगर कंडोम सेक्स के समय फट जाए तो प्रेगनेंसी हो सकती है। ऐसे समय में महिलाएं इमरजेंसी गर्भनिरोधक गोलियों के प्रयोग से गर्भावस्था से बच सकती हैं।

पुराना, फटा हुआ, एक्सपायर्ड (expired) या दो कंडोम एक साथ कभी प्रयोग न करें। कंडोम का पैकेट काटने के लिए कैंची या दांतों का इस्तेमाल भी न करें।

एक बार प्रयोग किया हुआ कंडोम दोबारा इस्तेमाल न करें। हमेशा नया कंडोम ही इस्तेमाल करें। 

महिला कंडोम और पुरुष कंडोम एक साथ इस्तेमाल न करें।
लुब्रिकेटेड कंडोम का इस्तेमाल करें। 

कंडोम के साथ यौन सम्बन्ध आसान बनाने के लिए अगर आपको और अधिक लुब्रिकेशन की ज़रुरत हो तो केवल पानी से बने लुब्रिकेंट का इस्तेमाल करें। 

कंडोम तभी असरदार होते हैं जब उन्हें सेक्स के शुरू से अंत तक इस्तेमाल किया जाए।

इन बातों का ध्यान रखें। यह आपको सुरक्षित यौन सम्बन्ध बनाने में मदद करेंगी - 

सेक्सुअल सम्बन्ध बनाते समय केवल पानी या सिलिकॉन से बने लुब्रिकेंट लगायें। वेसलीन, तेल या जेली का प्रयोग न करें।

गर्भनिरोधक गोलियों, हार्मोनल इंजेक्शन, गर्भनिरोधक पैच, कॉपर टी आदि के उपयोग द्वारा प्रेगनेंसी से बचा जा सकता है लेकिन इन उपायों से यौन संचारित रोगों से बचाव नहीं होता है।

ओरल सेक्स के द्वारा भी एसटीडी हो सकती है इसलिए सावधान रहें। ऐसा करना हो तो भी प्रोटेक्शन के साथ करें। दाद (Herpes) जैसे संक्रमण ओरल सेक्स के द्वारा भी हो जाते हैं। ध्यान रखें, ओरल सेक्स के दौरान पेनिस पर किसी प्रकार की चोट न लगे।

यदि सेक्स के दौरान प्रोटेक्शन का प्रयोग नहीं हुआ है तो तुरंत ही इमरजेंसी गर्भनिरोधक गोली जैसे आई-पिल (I-pill) लें। गोली लेने में देरी न करें। क्योंकि जितना देर से आप गोली लेंगी उतना ही गर्भ ठहरने की सम्भावना अधिक होगी।

बार-बार इमरजेंसी गर्भनिरोधक गोली का सेवन न करें। नियमित गर्भनिरोधक उपायों के बारे में जानकारी प्राप्त करें और जो सूट करे वे उपाय अपनाएं।

ओरल सेक्स से पहले गुप्तांगों को अच्छे से साबुन से साफ़ करें।
गुदा (Anus) को छूकर कभी योनि न छुएं और गन्दी उँगलियाँ कभी भी योनि में न डालें।

सेक्स के बाद पानी से प्राइवेट पार्ट्स धो लें।
योनि अथवा पेनिस में यदि किसी भी प्रकार का संक्रमण हैं तो अपने पार्टनर को बताएं।

सेक्स के दौरान प्राइवेट पार्ट्स पर किसी भी प्रकार असामान्य लक्षण हो तो सेक्स न करें।

गुप्तांगों पर छाले, फोड़े, मस्से, घाव, स्राव आदि हो तो सेक्स न करें। यह सब किसी प्रकार के एसटीआई के लक्षण हो सकते हैं। सेक्स के दौरान यह संक्रमण इन्फेक्टेड पार्टनर से आप तक पहुँच सकते हैं। यौन संक्रमणों के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करें और उनके लक्षणों को समझें। जब तक संक्रमण न ठीक हो सेक्स न करें। संक्रमण ठीक होने के करीब 1-2 सप्ताह बाद सेक्स करें।

यदि एक पार्टनर को कोई सेक्स सम्बन्धी रोग हुआ है तो दूसरा भी अपनी जांच जल्द से जल्द कराए।

बहुत सारे लोगों से शारीरिक सम्बन्ध न बनाएं। ऐसा करने से आपको यौन संचारित रोगों के होने का खतरा बढ़ जाएगा।

सुरक्षित सेक्स के लिए अन्य टिप्स

बिना कंडोम के सेक्स न करें। अगर आप महिला की माहवारी के समय सेक्स करते हैं तो कंडोम का जरूर इस्तेमाल करें। यह न सिर्फ गर्भधारण से बचाएगा बल्कि यौन संचारित रोगों (STDs) से भी बचाता है।

गर्भनिरोधक गोलियां निर्देश के अनुसार ही खाएं। इसमें अनियमितता बरतने से गोली का प्रभाव खत्म हो जाता है और गर्भ ठहरने की संभावना बढ़ जाती है।

पीरियड के समय कभी भी असुरक्षित सेक्स न करें। कई लोगों का मानना हकी कि वो माहवारी के दौरान बिना कंडोम का उपयोग किये सेक्स कर सकते हैं। भूल कर भी ऐसा न करें।
केवल एक साथी के साथ यौन संबंध रखें, जब आपमें से कोई भी एसटीआई से ग्रस्त न हो।

एसटीआई परीक्षण कराएं और यदि आवश्यक हो तो उपचार द्वारा एसटीआई का इलाज करें। खासकर यदि आप पहली बार संबंध बनाने जा रहे हैं तो जब तक डॉक्टर या नर्स आपको ये न कह दें कि आप अब संक्रमण मुक्त हैं तब तक संबंध न बनाएं।

अनियोजित गर्भधारण से बचने के लिए कंडोम के अलावा अन्य प्रकार के गर्भनिरोधक तरीकों का उपयोग करें।