सबसे पहले आपको इस बात का पता लगाना होगा कि आप पॉर्न एडिक्ट हैं या नहीं और अगर लत लग गई है तो इस बात को स्वीकार करना होगा. कई लोग इसकी गिरफ्त में आने के बावजूद एडिक्शन को मानने से इनकार करते हैं. पॉर्न से छुटकारा पाने के लिए सबसे पहले आपको अपनी गलती माननी होगी.
पॉर्न एडिक्शन का पता चलने के बाद इसको छोड़ने के लिए मजबूत इच्छाशक्ति का होना बेहद जरूरी है. कई बार लोग किसी आदत को छोड़ना चाहते हैं और उसकी शुरुआत भी करते हैं, लेकिन धीरे-धीरे उसका हौंसला टूटने लगता है या उसका मन बदल जाता है, ऐसा कमजोर इच्छाशक्ति के कारण होता है.
पॉर्न से दूरी बनाने के लिए आपको इसके सभी सोर्सेस को खत्म करना होगा. इसके लिए आपको अपने फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क या पेन ड्राइव में रखे पॉर्न फिल्म और क्लिप्स को डिलीट कर दें. इसके साथ ही आप ऑनलाइन पॉर्न साइट पर ना जाएं, इसके लिए उन्हें हमेशा के लिए ब्लॉक कर दें. आप अपने सिस्टम में एंटी पॉर्न सॉफ्टवेयर भी इंस्टॉल कर सकते हैं.
अक्सर लोग खाली समय में पॉर्न क्लिप्स देखते हैं, इसलिए कोशिश करें कि अकेले ना रहें और खुद को जितना हो सके बिजी रखें. इसके लिए आप फैमिली के साथ टाइम बिताएं या दोस्तों से बात करें.
पॉर्न देखने का सबसे आसान जरिया मोबाइल ही होता है तो अपनी लत से छुटकारा पाने के लिए मोबाइल से दूरी बना सकते हैं. अगर मोबाइल से दूरी बनाना संभव ना हो तो सोशल मीडिया या व्हाट्सऐप पर सेक्स रिलेटेड प्रोडक्ट्स, फोटोज या मीम्स वाले ग्रुप से खुद को अलग कर लें.
पॉर्न से ध्यान हटाने के लिए नई-नई एक्टिविटीज में हिस्सा लें और नई चीजें सीखने की कोशिश करें. इससे पॉर्न से आपका मन हटेगा और धीरे-धीरे इसकी आदत छूट जाएगी.
अश्लील फिल्में देखने की लत को छुड़ाने के लिए योग का सहारा लें। खासकर प्राणायाम (अनुलोम-विलोम और भ्रामरी) करें। साथ ही एक उचित समय तक मेडिटेशन करना न भूलें। इस दौरान अपने आहार पर ध्यान रखें। भोजन में सात्विक चीजों को ही शामिल करें और राजसिक व तामसिक खाद्य पदार्थों से दूर रहें।
पॉर्न की लत के लिए शराब, सिगरेट, ड्रग्स आदि भी काफी जिम्मेदार हैं। तमाम ऐसे व्यसनकारी लोग नशे में डूबकर अश्लीलता से जुड़ी गतिविधियों में लिप्त होने लगते हैं। इसलिए इन सब व्यसनों से दूरी बनाकर रखें।
अगर समस्या ज्यादा बड़ी लगती है यानी तमाम उपाय करने के बाद भी पॉर्न की लत खत्म नहीं हो रही है, तो बिना देर किए किसी अनुभवी मनोचिकित्सक (साइकायट्रिस्ट) से परामर्श करें। वह आपको काउंसलिंग या दवाओं के जरिए नॉर्मल अवस्था में ला सकता है। यहां जरूरी बात यह है कि आदत छुड़ाने के लिए डॉक्टर से ऑनलाइन परामर्श न करें और इंटरनेट से दूरी बरतें।