आगे पढ़े...बच्‍चों को कब, कैसे और किस उम्र में सेक्‍स एजुकेशन दे।

 अपने बच्‍चों को सेक्‍स एजुकेशन के बारे में बताने में अब भी कई पेरेंट्स हिचकिचाहट महसूस करते हैं और इस वजह से वो अपने बच्‍चों से इस बारे में बात ही नहीं कर पाते हैं। इसके कारण आगे चलकर बच्‍चों को कई तरह की समस्‍याएं हो सकती हैं।


सेक्‍स एजुकेशन कोई बुरी बात नहीं है और आप अपने हिसाब से अपने बच्‍चे से इस बारे में बात कर सकते हैं। ये बात समझ लें कि सेक्‍स एजुकेशन की मदद से आपका बच्‍चा कुछ गलत करने से बच सकता है।

जब बच्‍चों को अच्‍छी सेक्‍स एजुकेशन दी जाती है तो इससे उनके कम उम्र में सेक्‍स करने की संभावना कम होती है और जब वो ऐसा करते भी हैं तो उन्‍हें सुरक्षित यौन संबंध बनाने और यौन संचारित संक्रमणों के बारे में जानकारी होती है।

2 से 5 साल की उम्र
इस उम्र में बच्‍चों का यौन शोषण आसानी से किया जा सकता है लेकिन बच्‍चों को सेक्‍स एजुकेशन के बारे में बताकर आप उन्‍हें शोषण से बचा सकते हैं। इस उम्र के बच्‍चों को शरीर के सभी अंगों के नाम और कार्यों के बारे में बताएं। बच्‍चों को गुड और बैड टच के बारे में समझाएं। उन्‍हें बताएं कि बाहर जाने पर कब उन्‍हें अपने प्राइवेट पार्ट्स को नहीं छूना है।
5 से 8 साल की उम्र
इस उम्र के बच्‍चों को आप जो भी कहेंगें, वो बड़े आराम से आपकी बात को समझ लेंगे। इस अवसर को आपको बिल्‍कुल नहीं खोना है। ये बच्‍चे कई सवाल पूछते हैं और आपको इनके हर सवाल का जवाब समझदारी से देना है। इनकी बातों को मजाक में लेने की गलती न करें।
9 से 12 की उम्र
कुछ बच्‍चों को इस उम्र में सेक्‍स के बारे में जानने की उत्‍सुकता होती है तो कुछ को नहीं। ये दोनों ही स्थितियां सामान्‍य हैं। प्‍यूबर्टी शुरू होने के बाद बच्‍चे धीरे-धीरे सेक्‍स के बारे में सोचना शुरू कर देते हैं। इस उम्र में बच्‍चों को समझाएं कि वो आपसे सेक्‍स के बारे में कोई भी सवाल बेहिचक कर सकते हैं। इस उम्र में लड़कियों को पीरियड्स के लिए भी तैयार करना होता है और लड़कों को इजैकुलेशन के बारे में पता चलता है।
12 से 19 साल की उम्र
अगर आपने अब तक अपने बच्‍चे से सेक्‍स एजुकेशन की बात नहीं की है तो अब जरूर कर लीजिए। इस उम्र के बच्‍चों को सेक्‍स एजुकेशन के बारे में समझाना थोड़ा मुश्किल होता है। इस दौरान उन्‍हें डेटिंग, गर्भनिरोधक, सेक्‍स कब करना है और सेक्‍स के लिए न बोलना सिखाना होता है।